आरबीआई को समय पर कदम उठाने के लिए बधाईः हेमंत कनोरिया
संजीव शर्मा, नवल टाइम्सः श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस के चेयरमैन हेमंत कनोरिया ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर की इस बात के लिए प्रशंसा की जानी चाहिए कि उन्होंने विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के प्रकोप के कारण वित्तीय पारितंत्र के समक्ष आसन्न चुनौतियों को दूर करने के लिए अनेक सुविचारित उपायों की घोषणा की है।

व्यवस्था में 3.74 ट्रिलियन रुपये के समावेश हेतु उपायों के अतिरिक्त, ज्यादा आश्वस्त करने वाली बात यह है कि आरबीआई ने अब रिवर्स रेपो रेट को परिचालनगत दर बना दिया है।

 

सभी बैंकों  और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को उनके ऋणियों के लिए सभी सावधिक ऋणों की चुकौती पर 3 महीने की रोक एक सकारात्मक कदम है, किन्तु यह वैकल्पिक व्यवस्था है और इस नाते इसका कार्यान्वयन ऋणदाता संस्थानों पर छोड़ दिया गया है. यह तथ्य कि इसके कारण किसी भी ऋणी की क्रेडिट हिस्ट्री प्रभावित नहीं होगी, सभी श्रेणियों के ऋणियों के लिए राहत की बात है। इससे कंपनियों को भी अपनी रणनीति फिर से बनाने और आत्म-अवलोकन के लिए वक्त मिलेगा।

चूंकि 21-दिवसीय लॉकडाउन के कारण सम्पूर्ण भारत में आर्थिक कार्यकलाप बाधित हो गये हैं और ऐसे में अनेक ऋणियों द्वारा ऋण अदायगी पर असर होगा. इसलिए, आरबीआई के लिए सभी ऋणडाटा संस्थानों को ऋण को एनपीए की श्रेणी में डालने के बदले ऋणों के एकबारगी पुनर्गठन की अनुमति देना व्यावहारिक होगा।

घोषित उपायों का लक्ष्य भारतीय वित्तीय व्यवस्था के लचीलेपन की हिफाजत करना है. सीआरआर में 100 बेसिक अंक की कटौती से बैंकों को भारी फायदा होगा, क्योंकि इससे उन्हें 1.4 ट्रिलियन रुपये का प्रावधान उपलब्ध होगा।