भाजपा ने मंडल स्तर पर 15-15 स्वयंसेवकों की सूची तैयार की
देहरादून: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के निर्देशों के क्रम में पार्टी ने अधिकांश मंडलों में 15-15 स्वयं सेवकों की सूची तैयार कर दी है। पार्टी ने जिलों में जिला अध्यक्षों के नेतृत्व में जिला सहायता केंद्र स्थापित किए हैं।

उधर, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों, सरकार में दायित्वधारियों, मेयर व जिला अध्यक्ष से कान्फ्रेंस काल के जरिए संवाद स्थापित कर इस महामारी के समय में अपनी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने की अपील की है।

भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी अजेंद्र अजय ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष श्री भगत द्वारा कोरोना संकट के समय पार्टी कार्यकर्ताओं को सरकार का सक्रिय सहयोग करने और संगठन स्तर से भी लोगों की मदद करने के निर्देश दिए गए थे।

प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशों के क्रम में पार्टी ने अपनी 252 मंडल इकाइयों में से अधिकांश में 15-15 स्वयं सेवकों की सूची तैयार कर दी है। गढ़वाल मंडल के कार्यकर्ताओं की सूची प्रदेश महामंत्री  कुलदीप कुमार और कुमाऊं मंडल की सूची प्रदेश महामंत्री राजू भंडारी के माध्यम से प्रदेश को पहुंच गई हैं।

यह कार्यकर्ता जरूरत पड़ने पर हर समय शासन-प्रशासन का हरसंभव सहयोग करने को तत्पर रहेंगे। प्रदेश सरकार द्वारा जिलों के लिए घोषित किए गए प्रभारी मंत्री प्रशासन के साथ इन स्वयंसेवकों का समन्वय स्थापित करेंगे। अजेंद्र ने बताया कि पार्टी द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में आम जनता के सहयोग के लिए जिला सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं।

इन केंद्रों का प्रमुख संबंधित जिलों के जिला अध्यक्षों को बनाया गया है। इसके अलावा प्रदेश के सभी 11,235 बूथों पर दो-दो लोगों की टीम गठित की जा रही है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में आम लोगों के अलावा जरूरतमंदों को सहयोग देंगे और मोदी रसोई अथवा मोदी किट के वितरण में सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कान्फ्रेंस काल के जरिए पार्टी नेताओं से संवाद स्थापित कर सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से सोशल डिस्टेंसिंग का खुद भी और अन्य लोगों से भी पालन करवाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया है कि हमारे हर कदम में गंभीरता झलकनी चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से यह भी अपील की कि इस आपदा के समय में अपनी जान की परवाह किए बगैर जो स्वास्थ्यकर्मी,स्वच्छताकर्मी, सुरक्षाकर्मी आदि दिन रात काम में जुटे हुए हैं, उनका उत्साहवर्धन भी करते रहें। संभव हो सके तो उन्हें भोजन, चाय-पानी भी उपलब्ध कराएं।