एल्कोहोलिक्स एनोनिमोस संस्था: प्रेम नगर आश्रम में होगा शराब मुक्ति कार्यक्रम का आयोजन

संजीव शर्मा, हरिद्वार: एल्कोहोलिक्स एनोनिमोस संस्था हरिद्वार जो की समाज मे लंबे समय से शराब से मुक्ति के लिये अभियान चला रही है द्वारा दिनांक 14 मार्च एवम 15 मार्च को प्रेम नगर आश्रम में शराब से मुक्ति के लिए एक विशेष आयोजन किया जा रहा है जिसके अंतर्गत शराब पीने की बीमारी एवं उसके इलाज पर चर्चा की जाएगी जिसमें विभिन्न राज्यो से कई सदस्यों के उपस्थित होने की आशा व्यक्त की गई है.


संस्था के कुनाल सिंह ने संस्था की ओर से  हरिद्वार वासियों से भी निवेदन किया है कि इस आयोजन पर पधार कर शराब से मुक्ति का समाधान प्राप्त करें व समाजहित में लाभ उठावे.
उन्होंने बताया कि इस समुदाय के अंतर्गत सेंट मैरी स्कूल ज्वालापुर जहां रविवार सायं 4 से 5 बजे तक मीटिंग होती है के अतिरिक्त राम कृष्ण मिशन (बंगाली) हस्पताल मे प्रत्येक बुधवार को सायं 6 से 7 बजे तक मीटिंग भी होती है । इसके अतिरिक्त माननीय सी एम ओ महोदया से अनुमति लेकर सभी अस्पतालों मे जागरुकता हेतु बोर्ड लगाए जाने का कार्य शुरु कर दिया गया है ।


आप के लिए दो हेल्पलाइन नम्बर 9012002229 व 8979296800 भी जारी किए गये | जिस पर इस संस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। 
आपको बताते चलें एहोलिक्स एनोनिमोस (ए ए)की शुरुआत हरिद्वार में दिसंबर 2013 में हुई थी, एल्कोहोलिक्स एनोनिमोस ऐसी संस्था है जिसमें सब एक दूसरे से आपस मे अपना अनुभव शक्ति व आशा बाटंते हैं ताकि वे अपनी शराब की सांझी समस्या का हल कर सकें व दूसरे शराबियों की इस बीमारी से छुटकारा दिलाने मे सहायता कर सकें ।


इसकी सदस्यता के लिए कोइ चंदा या फीस नहीं देनी पड़ती, यह (ए ए) के अपने योगदानों के जरिए आत्मनिर्भर है । ए ए का प्राथमिक उद्देश्य केवल शराबियों की शराब छोड्ने मैं सहायता करना है ।
ए ए की शुरुआत 1935 में (OHIO) ओहायो (USA) मे हुई थी धीरे धीरे  विश्व के 184 देशों मे फैल गई. आज ए ए की सदस्यता 30 लाख से अधिक है तथा इसकी सभाए नियमित रुप से बड़े शहरो और कस्बों में होती हें . भारत में इसकी शुरुआत दिल्ली में 1957 में हुई पर मुम्बई में ए ए पनपा जिसमे की पूरे भारत वर्ष में अनुमानित आज की तारीख में 40,000 से ज्यादा सदस्य हें .


वर्ष 2012 में आमिर खान द्वारा निर्मित सत्यमेव जयते के प्रसारण में भी इस संस्था के कार्यों को बताया गया था तत्पश्चात इस संस्था की लोकप्रियता भारत में बहुत बढी.