कास्तकार ने की अधिग्रहित भूमि के मुआवजे की मांग

टिहरी:  गोनगढ़ पट्टी में निर्माणधीन सौंप-आर्स मोटर मार्ग पर ठेकेदार व विभागीय अधिकारियों की दबंगाई से किसान परेशान हैं। विभागीय अधिकारियों ने बिना किसान की अनुमति के उनकी कृषि भूमि को सड़क के लिए अधिग्रहण कर दिया। भूमि का मुआवजा ने मिलने से किसान में रोष बना है।


सौंप गांव के किसान गब्बर सिंह पुत्र अब्बल सिंह ने सड़क निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार पर उनकी पत्नी के साथ धक्का-मुक्की और धमकाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सौंप-सीताकोट निर्माणधीन मोटर मार्ग पर विभाग ने उनके चार खेत काट दिए गए जिन पर फलदार पेड़ लगाए गए थे।


ठेकेदार ने विभागीय कर्मचारियों की उपस्थिति में जबरन उसके खेतों में जेसीबी चलाकर उनके फलदार पेड़ नष्ट कर दिए साथ ही खेतों का कटान कर दिया। जब उनकी पत्नी इसका विरोध करने गई तो ठेकेदार ने उनसे धक्का-मुक्की कर उन्हें निर्माणाधीन स्थल से हटा दिया। बताया उन्होंने इस संबंध में दो माह पूर्व सीएम पोर्टल, डीएम व क्षेत्रीय विधायक से मामले की शिकायत की, लेकिन अभी तक न तो उन्हें भूमि और पेड़ों का मुआवजा मिला न ही ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही हुई। उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्यवाही तथा भूमि का मुआवजा दिए जाने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर विभाग के खिलाफ कोर्ट की शरण में जाने की चेतावनी दी।


लोनिवि घनसाली के ईई डीसी नौटियाल का कहना है कि अधिग्रहीत की गई भूमि किसान के नाम पर दर्ज नहीं है, भूमि की रजिस्ट्री के बाद ही संबंधित किसान को मुआवजा का भुगतान किया जाएगा।