कोरोना महामारी घोषितः भारत में देश के बाहर आवाजाही प्रतिबंधित

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बुधवार को कोरोनावायरस (कोविड-19) को महामारी घोषित कर दिया है। चीन के वुहान में दिसंबर में पहली बार कोरोनावायरस सामने आया था। तब से अब तक दुनिया के 120 देशों में 4300 मौत हो चुकी हैं और एक लाख 19 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं।


भारत में कोरोनावायरस संक्रमण रोकने के लिए देश के बाहर आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। बुधवार को जारी सरकार के आदेश के मुताबिक, 13 मार्च को शाम 5.30 बजे (12 जीएमटी) से अगले 35 दिन के लिए दुनिया के किसी भी देश के हर व्यक्ति के वीजा रद्द कर दिए गए हैं। सिर्फ डिप्लोमैटिक और एम्प्लॉयमेंट वीजा को छूट दी गई है। सरकार ने साफतौर पर कहा है कि अगर जरूरी न हो तो भारतीयों को विदेशों में जाने से बचना चाहिए। भारत में रह रहे सभी विदेशियों के वीजा वैध बने रहेंगे।


केंद्र सरकार के दफ्तरों में 31 मार्च तक बायोमीट्रिक अटेंडेंस पर रोक लगा दी गई है। देश के 30 एयरपोर्ट्स पर विदेश से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। चीन, इटली, ईरान, दक्षिण कोरिया, फ्रांस, स्पेन और जर्मनी से 15 फरवरी के बाद आए यात्रियों को कम से कम 14 दिन आइसोलेशन में रखा जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोनावायरस को महामारी घोषित कर दिया है। 


भारत सरकार ने कहा है कि अब तक कोरोनावायरस प्रभावित देशों से 948 यात्रियों को निकाला गया है। इनमें से 900 भारतीय हैं, जबकि 48 दूसरे देशों के नागरिक हैं। इन देशों में मालदीव, म्यांमार, बांग्लादेश, चीन, अमेरिका, मैडागास्कर, श्रीलंका, नेपाल, दक्षिण अफ्रीका और पेरू शामिल हैं।


एयर इंडिया का विमान बुधवार को 83 नागरिकों को लेकर इटली के मिलान से नई दिल्ली पहुंचा। सभी यात्रियों को हरियाणा में मानेसर के सैन्य कैंप में निगरानी में रखा गया है। इनमें भारत के 74, इटली के 6 और अमेरिका के तीन नागरिक हैं। 


इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने स्वास्थ्य और शोध विभाग के साथ मिलकर संक्रमण की जांच के लिए देशभर में 52 लैब बनाई हैं। दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज समेत देश के कई स्थानों पर वायरस रिसर्च एंड डॉयग्नॉस्टिक लैब (वीआरडी) नमूने एकत्रित कर रही हैं।