महामारी के निवारणार्थ आध्यात्मिक अनुष्ठान में जुटे करोड़ों गायत्री साधक

डा0 संदीप भारद्वाज,हरिद्वारः  आज पूरा विश्व में कोरोना वायरस के दहशत में जी रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवाहन पर देश भर के लोग अपने-अपने घरों में ही हैं। जिससे कोरोना वायरस के फैलने से रोका जा सके और इस महामारी से भारतीयों को निकाल सकें।


इस बीच आज से प्रारंभ हुए चैत्र नवरात्रि साधना में जुटे करोड़ों गायत्री साधक कोरोना के प्रकोप को कम करने उद्देश्य से एक विशेष आध्यात्मिक अनुष्ठान प्रारंभ किया गया। अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या के निर्देशन में देश-विदेश के गायत्री साधक अपने-अपने घरों में ही जप-तप जुटे हैं।
गायत्री साधकों को दिये अपने वीडियो संदेश में अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ पण्ड्या ने कहा कि चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन शैलपुत्री का पूजन किया जाता है। इन्होंने सदैव दूसरों के हित के लिए कार्य किया है। उनका जप, तप भी परपीड़ा को दूर करने के लिए होता था।


 डॉ. पण्ड्या ने कहा कि नवरात्र साधना शक्ति अर्जन का महापर्व है। यह समय साधना हेतु असामान्य और असाधारण है। चूँकि इन दिनों घर के बाहर के सभी कार्य प्रायः बंद ही हैं और हम सभी कोरोना वायरस को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार व स्थानीय प्रशासन के गाइड लाइन्स का फालो करते हुए घर में ही हैं, तो ऐसे समय में साधना महत्त्व अत्यधिक हो जाता है। उन्होंने कहा कि यह पहला अवसर है जब नवरात्र में शांतिकुंज की गतिविधियों पर विराम सा लग गया है।


साथ ही उन्होंने देश-विदेश के गायत्री साधकों से भी इस आध्यात्मिक अनुष्ठान में सहभागिता के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति के मद्देनजर आज विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित पूरा विश्व भारत की ओर आशा भरी निगाह से देख रहा है कि भारत इस महामारी के बचाव हेतु आवश्यक मार्गदर्शन करें।