मुख्यमंत्री ने किया आँचल अमृत योजना का शुभारम्भ 
देहरादूनःमुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि. रायपुर रोड, देहरादून में उत्तराखण्ड सहकारी डेरी फेडरेशन एवं विद्यालयी शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में माध्याह्न भोजन योजना के अन्तर्गत मुख्यमंत्री आँचल अमृत योजना का शुभारम्भ किया।

इस योजना का शुभारम्भ स्कूली बच्चों को दूध पिलाकर किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुमाऊँनी एवं गढ़वाली भाषा की कक्षा 1 से 5 तक की पुस्तकों का लोकार्पण एवं कुमाऊँनी-गढ़वाली-जौनसारी शब्दकोष का विमोचन किया। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कक्षा 6 से कक्षा 08 तक के लिए एनसीईआरटी की ई बुक्स को लॉच किया गया, 5 स्कूलों के लिए के-यान डिवाइस का वितरण एवं संपर्क फाउण्डेशन द्वारा स्कूलों के लिए बनाई गई एडवांस्ड इंग्लिश किट का वितरण किया गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस अवसर पर राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा संचालित राज्य समेकित सहकारी समिति के 5 सदस्यों को दुधारू पशुओं की यूनिट स्थापित किये जाने हेतु ऋण एंव अनुदान के चेक वितरित किये।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की उपस्थिति में ऑचल व अमूल के मध्य हुए एमओयू का शुभारम्भ किया गया एवं बद्री गाय के घी विक्रय के लिए हिमालयन बास्केट प्रा. लि. तथा चंपावत दुग्ध संघ के मध्य एमओयू हस्ताक्षरित किया गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री आँचल अमृत योजना के तहत आंगनबाड़ी में बच्चों को सप्ताह में चार दिन दूध उपलब्ध कराया जा रहा है। अब स्कूलों में भी पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को सप्ताह में एक दिन दूध उपलब्ध कराया जायेगा। इस योजना को और आगे बढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के नौनिहालों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, उनकी प्रतिभाओं को उभारने की जरूरत है।

ऐसे प्रतिभाशाली बच्चे जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उनके लिए कक्षा 6 से 12वीं तक जयहरीखाल में आवासीय विद्यालय खोला जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रतिभाशाली बच्चों को आगे लाया जाय। इस बार के वित्तीय बजट में ऐसे बच्चों के लिए मुख्यमंत्री इनोवेशन फंड बनाया गया है। देश को जानो योजना के तहत बोर्ड परीक्षा में टॉप 25 स्थानों पर आने वाले विद्यार्थियों को देशाटन कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी भाषा एवं बोलियों का संरक्षण जरूरी है। स्कूली पाठ्यक्रम में स्थानीय बोलियों एवं शब्दकोष का समावेश इस दिशा में सराहनीय प्रयास है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइड लाइन का जरूर पालन करें। सतर्कता ही इसका सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने कहा कि सौभाग्य से अभी तक इस वायरस का कोई पॉजिटिव मामला नहीं आया है, लेकिन हम सभी को सतर्क रहना होगा।