नए धरना स्थल को कहा गंदगी से भरा मैदान
नवल टाइम्सः गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान ने एकता विहार स्थित नए धरना स्थल को गंदगी से भरा मैदान करार दिया। कोरोना वायरस संक्रमण के मध्यनजर नए धरना स्थल को प्रदर्शन कर रहे लोगों के लिए पूरी तरह से असुरक्षित बताया। समस्या को लेकर अभियान के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को एकता विहार स्थित धरना स्थल पर बैठक आयोजित की।

साथ ही नए धरना स्थल की बदहाली और परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल से विभिन्न संगठनों को जबरन उठाए जाने बारे मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन को ईमेल और रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए ज्ञापन भी प्रेषित किया।

ज्ञापन के जरिए बताया गया कि नए धरना स्थल में मूलभूत सुविधाओं का आभाव है। पीने का पानी, शौचालय, जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है।

अभियान ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान कई बार आपातकालीन स्थिति हो जाती है। नए धरना स्थल पर एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन और पुलिस सहायता पहुंचने में काफी देर हो जाएगी। जिसका खमियाजा विभिन्न संगठनों को भुगतना पड़ सकता है। गैरसैंण अभियान के प्रमुख रणनीतिकार मनोज ध्यानी ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश को पत्र और ज्ञापन भेजा गया है। ज्ञापन में मौजूदा धरना स्थल की बदहाली के बारे में विस्तृत तौर पर लिखा गया है। साथ ही पूर्व के धरना स्थल से आंदोलनरत संगठनों को जबरन उठाए जाने की शिकायत भी की गई है।

ध्यानी ने कहा कि नया धरना स्थल एक रिहायशी इलाके के भीतर है। इसके एक ओर गंदा नाला बह रहा है वहीं मैदान के आसपास कई लोग खुले में शौच करते भी देखे गए हैं। कार्यकर्ताओं ने मुख्य न्यायाधीश से न्याय की गुहार लगाई। बैठक में विजय सिंह रावत, रविंद्र कुमार प्रधान, मदन सिंह भंडारी, बृजमोहन सिंह नेगी, वीरेंद्र सिंह रावत, सोहन सिंह रावत, विनोद असवार, किरण किशोर भंडारी, सरिता गौड़, प्रभात डंडरियाल, राकेश चंद्र सती, चंडी प्रसाद थपलियाल आदि मौजूद रहे।