ओलावृष्टि से फसल को भारी नुकसान

विकासनगरः तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों को कमर तोड़ दी। खेतों में ओलों की चादर बिछने से फसलें तबाह हो गईं। सुबह खेतों पर पहुंचे किसानों की ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों को देख आंखें तक छलक आई।


बीती रात ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। साहिया क्षेत्र के दातनू, बड़नु, मलेथा, बराड़, पानूवा, अलसी, कनबूवा, सकनी, ककाडी, पंजिया, कोठा, तारली, सलगा, बोहा, खमरोली, भंजरा, सुरेऊ, मलोऊ, टिपाऊ, चनदोऊ, झिसोऊ, नेवी, कुरोली, खतासा, बोहरी, उदपालटा, उपरोली, रानी, बिनाऊ, मिरमाऊ, बंतोऊ, मसराड, बसाया, ललोऊ, गडेता, जोशीगांव, गोथान, भुगतार, खतार, समाया, कोपटी आदि गांवों में ओलावृष्टि ने मटर की फसल पूरी तरह से चौपट कर दिया। जिससे किसानों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। किसान मायाराम सिंह, दीवान सिंह, राम सिंह, भीम सिंह, जीवन सिंह, कृपाल सिंह, सिया चौहान, परम सिंह, गुमान तोमर, नरेश चौहान, सीताराम आदि ने बताया कि इस बार मटर के लिए करीब 120 से 130 प्रति किलो की दर से बीज खरीदा था।


बारिश अच्छी होने से बेहतर फसल की उम्मीद भी जगी थी। लेकिन, इतनी बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को बर्बाद कर दिया है। इससे उनके सामने बैंकों से लिया गया ऋण चुकाने का भी संकट खड़ा हो गया है। एसडीएम अपूर्वा सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय पटवारियों को मौका मुआयना कर क्षति का आंकलन करने के निर्देश दिए गये हैं। फसलों के नुकसान की रिर्पोट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।