पतंजलि आयुर्विज्ञान संस्थान के प्रधानाचार्य पर 24 को तय होगा अवमानना का आरोप

नवल टाइम्स,हरिद्वारः पूर्व में जारी आदेश के बाद भी बीएएमएस छात्रों से वसूली गई बढ़ी हुई फीस नहीं लौटाने पर हाईकोर्ट ने पतंजलि आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान हरिद्वार के प्रधानाचार्य डीएन शर्मा पर अवमानना का आरोप तय करने के लिए 24 मार्च की तिथि नियत की है। संस्थान को बीएएमएस छात्रों की लगभग 15 करोड़ रुपये की धनराशि लौटानी है।  न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। 
पिथौरागढ़ निवासी शुभम पंत सहित 25 छात्रों ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर कहा था कि सरकार ने बीएएमएस की फीस 80 हजार से बढ़ाकर दो लाख 15 हजार रुपये कर दी थी। इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने इस शासनादेश को खारिज करते हुए संस्थानों को आदेश दिए थे कि वह विद्यार्थियों से वसूल की गई बढ़ी हुई फीस उन्हें लौटाए लेकिन संस्थान की ओर से फीस नहीं लौटाई गई।


संस्थान ने आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कोर्ट से छह माह की मोहलत मांगी, जिसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ में मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 मार्च की तिथि नियत करते हुए कहा है कि उस दिन पतंजलि आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान हरिद्वार के प्रधानाचार्य डीएन शर्मा पर अवमानना के आरोप तय किए जाएंगे।