पत्रकार अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को दिशा देने का काम करता हैःटावरी 
देहरादूनः उत्तराखंड पत्रकार महासंघ का होली मिलन समारोह विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुन्दर प्रस्तुतियों के बीच मनाया गया। महासंघ द्वारा राजा रोड़ स्थित गीता भवन के सभागार में भव्य होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं दून इण्टरनेशनल स्कूल के चेयरमैन डी. एस. मान, ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस मौके पर उत्तराखण्ड पत्रकार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष निशीथ सकलानी, कार्यक्रम अध्यक्ष सुशील कुमार, महासंघ के संरक्षक मदन उपाध्याय, प्रदेश उपाध्यक्ष बीना उपाध्याय, कार्यक्रम संयोजक नरेश रोहिला, जिलाध्यक्ष सुशील चमोली, जिला महामंत्री राजीव मैन्यू, आदि मौजूद थे।

दीप प्रज्वलित के पश्चात हंसा नाट्य कला मंच द्वारा जय बदरी केदार वंदना की प्रस्तुति से कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत की गई। बतौर विशिष्ट अतिथि पूर्व विदेश सचिव भारत सरकार कमल टावरी ने कहा कि पत्रकार अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को दिशा देने का काम करता है। लेकिन उसे अपने लिए भी सोचना चाहिए।

विशिष्ट अतिथि दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री राजकुमार पुरोहित ने कहा कि उत्तराखंड पत्रकार महासंघ ने आज जिस प्रकार से होली मिलन का आयोजन कर राज्य की संस्कृतिक प्रस्तुतियों से रूबरू करवाया है वह प्रशंसनीय है।

इस अवसर पर उपस्थित उत्तराखंड विज्ञापन अनुश्रवण समिति के सदस्य विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार ब्रह्मदत्त शर्मा ने  पत्रकारों की समस्याओं के निराकरण के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही।

महासंघ के होली मिलन कार्यक्रम में छोटे बच्चों की शानदार प्रस्तुतियां विशेष आर्कषण का केन्द्र रही। एक ओर जहां लोक गायिका मंजु बिष्ट के गीतों पर श्रोता झूम उठे तो वहीं दूसरी ओर  हंसा नाट्य कला मंच की प्रस्तुतियों ने उत्तराखंड की संस्कृति के विभिन्न रंगों से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर उत्तराखंड पत्रकार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष निशीथ सकलानी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखण्ड पत्रकार महासंघ पत्रकार हितों के लिए सतत प्रयत्नशील है और उनका प्रयास होगा कि वह राज्य के पत्रकारों को हर प्रकार की सुरक्षा प्रदान करें। होली मिलन कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एचडीएफसी के सुधीर कुमार ने कहा कि उत्तराखण्ड पत्रकार महासंघ के होली मिलन समारोह के इस आयोजन से स्पष्ट है कि पत्रकारों को राज्य की संस्कृति और विकास की सर्वाधिक चिन्ता है।