ऋषिकेशः आस्था बडी है या समाज सुरक्षा

डा0 संदीप भारद्वाज,ऋषिकेशः  कोरोना के कहर के बीच भी लोगों की आस्था कम नहीं हुई है। लॉक डाउन के बीच मंगलवार को नवरात्रि के लिए लोगों ने सुबह घरों से निकलकर पूजा की आवश्यक वस्तुओं की खरीददारी की।
बुधवार को चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होने वाली है। लेकिन इस नवरात्रि में कोरोना ने खलल डाल दिया है। ऋषिकेश में भी कर्फ्यू जैसे हालात बने हैं। प्रशासन ने यहां सुबह सात से 10 बजे तक आवश्यक वस्तुओं की खरीददारी को छूट दी है।


मंगलवार को नवरात्रि की खरीददारी को लोगों ने सुबह से ही दुकानों में पहुंच कर खरीददारी की। 10 बजे के बाद प्रशासन ने दुकानों को बंद कराना शुरू कर दिया। इस दौरान कई श्रद्धालु सामान नहीं खरीद पाए। लेकिन लॉक डाउन के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं दिखा। सामान खरीददारी नहीं करने वाले श्रद्धालुओं ने कहा कि वे बुधवार को सुबह उठकर सामानों की खरीददारी करेंगे।


हर साल की तरह इस वर्ष भी नवरात्रि घर में विधिवत मनाएंगे। लॉक डाउन से ऋषिकेश के मंदिर, धार्मिक स्थल बंद हैं। यहां श्रद्धालुओं पर रोक है। इसके बावजूद सभी मंदिरों में नवरात्रि विधिवत मनाई जाएगी। तुलसी मानस मंदिर के महंत पंडित रात्रि शास्त्री ने बताया कि मंदिरों में बाहरी श्रद्धालु नहीं आएंगे। लेकिन नवरात्रि में मंदिर में विधि व्रत पूजन होगा। सुबह ही पूजा सामग्री की खरीददारी हो गई है। नवरात्र पूजन के जरिए ही इस कोरोना रूपी राक्षस पर विजय पाया जाएगा।
मंगलवार को अमावस्या थी। जिसको लेकर कई श्रद्धालु अमावस्या पर गंगा स्नान करने गंगा तटों पर पहुंचे। लेकिन लॉक डाउन को सफल बनाने को तैनात पुलिस कर्मियों ने श्रद्धालुओं को गंगा स्नान करने से रोका। उन्हें बैरंग लौटा दिया।


इस दौरान त्रिवेणी घाट, नाव घाट, शत्रुघ्न घाट, पूर्णानंद घाट, राम झूला घाट, लक्ष्मणझूला घाट आदि जगहों पर तैनात पुलिस ने श्रद्धालुओं को कोरोना संक्रमण का हवाला देते हुए बैरंग लौटाया। अपने घरों में ही रहने को कहा। हालांकि कई जगहों जैसे बैराज घाट, आवास विकास आस्था पथ, स्वर्गाश्रम क्षेत्र, दयानंद घाट आदि जगहों पर श्रद्धालुओं ने पुलिस प्रशासन की नजरों से छुपते छुपाते अमावस्या में गंगा स्नान किया।