ऋषिकेशःपरमार्थ निकेतन में बनाया जा रहा है आइसोलेशन सेंटर
डा0 संदीप भारद्वाज,ऋषिकेशः परमार्थ निकेतन अस्पताल को कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्तियों की सेवाओं के लिये समर्पित किया गया।

वैश्विक महामारी कोविड-19 से लड़ने हेतु परमार्थ निकेतन ने अद्भुत सेवाओं की शुरूआत की इसके अन्तर्गत परमार्थ निकेतन अस्पताल में आइसोलेशन सेंटर बनाया जा रहा है। वैश्विक महामारी कोविड -19 से सहमे लोगों के लिये राहत देने तथा मौजूदा माहौल को देखते हुये स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को चुस्त-दुरस्त करने हेतु परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, यमकेश्वर ब्लाक के मध्य बैठक हुई जिसमें यह निर्णय लिया गया कि इस असाधारण संकट की घड़ी में लोगों को स्थानीय स्तर पर निरीक्षण केन्द्र की सुविधा देना आवश्यक है।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने बताया कि कोरोना वायरस से पीड़ित, संदिग्ध व्यक्ति और विदेशी सैलानियों को भीड़ से अलग रखने हेतु परमार्थ निकेतन अस्पताल, अस्पताल के बेड, उपकरण, बड़े-बड़े योग हाॅल, परमार्थ निकेतन के डाॅक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ भी सेवा के प्रति समर्पित है।

यहां पर कार्य करने वाले डाॅक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के आवास और भोजन का भी उचित प्रबंध किया है ताकि वे लोगों की सहायता और सेवा सुचारू रूप से कर सके। इस क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी होने पर उसे तुरन्त लाभ दिया जा सके।

स्वामी जी ने कहा कि योग और ध्यान हाॅल, परमार्थ निकेतन ध्यान केन्द्र का उपयोग इस दिव्य सेवा हेतु समर्पित किया जा रहा है। इस समय यही योग हैय यही ध्यान हैय यही यज्ञ हैय यही ज्ञान है, यही सेवा है और यही समर्पण है। देश विदेश से आये किसी भी व्यक्ति को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिये प्रयास करना ही कोरोना टू करूणा है।

 स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने सभी से आह्वान किया कि इस अवसर पर सेवा कार्य के लिये आगे आये क्योंकि मानव-मानव एक समान, मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा हैं। स्वामी जी ने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की जनता से जो सोशल डिस्टेसिंग की अपील की है उसका पालन करें ताकि हम सभी कोरोना वायरस पर विजय प्राप्त कर सकें।