सामान्य ओबीसी कर्मचारियों का आंदोलनःअब आवश्यक सेवाएं भी ठप

देहरादूनः सामान्य ओबीसी संवर्ग के कर्मचारियों का आंदोलन दिनोंदिन उग्र होता जा रहा है। उनकी हड़ताल में आज से आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारी भी शामिल हो चुके है जिससे अब आम आदमी की मुश्किलें भी बढ़ सकती है। खास बात यह है कि सरकार की तरफ से अभी भी इस हड़ताल को समाप्त कराने के प्रयास सिर्फ अपीलों तक ही सीमित है जबकि सरकार की सख्ती और अपीलों का हड़ताली कर्मचारियों पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है।
इन कर्मचारियों की हड़ताल का आज 12वां दिन है। पूर्व घोषित योजना के तहत आज से इस हड़ताल में जरूरी सेवाओं के कर्मचारी भी शामिल हो चुके है। जिसके कारण राज्य में बिजली, पानी, स्वास्थ्य और रोडवेज की सेवाओं पर भी पड़ेगा। राज्य के एक लाख से अधिक कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से कलेक्ट्रेट, आरटीओ, लोक निर्माण तथा तहसील आदि विभागों में पहले से ही काम काज ठप पड़ा है।


अब स्वास्थ्य, बिजली, पानी और यातायात सेवाओं के कर्मचारियों के भी हड़ताल पर जाने से हालात और भी बिगड़ सकते है। कर्मचारी नेता दीपक जोशी का कहना है कि यह अत्यन्त ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि मुख्यमंत्री के पास कर्मचारियों से मिलने के लिए समय नहीं है। उनकी हड़ताल को 12 दिन हो चुके है। वहीं मुख्य सचिव उत्पल कुमार को कर्मचारियों से मिलते हुए शर्म आती है। वह सचिवालय में  बैठकर कर्मचारियों को पत्र लिखते है तो कभी उन्हे कार्यवाही करने का भय दिखाते है। उनका कहना है कि हम शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखे हुए हैै तथा यह तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशानुसार प्रमोशन में आरक्षण को समाप्त नहीं करती है और प्रमोशन में लगी रोक को नही हटाती है। जोशी का कहना है कि अब यह आंदोलन तब तक समाप्त होने वाला नहीं है। जब तक कर्मचारियों की मांगे नहीं मानी जायेगी। उन्होने कहा कि अभी सिर्फ आवश्यक सेवाओं को ठप किया गया है लेकिन अभी भी सरकार सोती है तो बहुत जल्द अतिआवश्यक सेवाओं भी ठप कर दी जायेगी और इसके लिए पूरी तरह सरकार ही जिम्मेदार होगी।