सांसद अजय भट्ट ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ व सीएम त्रिवेंद्र का जताया आभार
नवल टाइम्सः भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एवं नैनीताल उधमसिंहनगर के सांसद अजय भट्ट ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है।

श्री भट्ट ने कहा कि 3 दिनों से देश के कोने कोने से आये उत्तराखंड के लोग दिल्ली में फंसे थे जिन्हें उत्तराखंड के दिल्ली में रहने वाले लोगों ने गाजीपुर रेन बसेरे में रखा था, और उनके खाने व रुकने की व्यवस्था भी की गई थी, इन लोगों को उत्तराखंड भेजने के लिए कर्फ्यू लगने के कारण कोई भी साधन उपलब्ध नहीं हो पा रहे।

सांसद भट्ट ने इस संबंध में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को 25 मार्च को एक पत्र लिखा था। जिसमें भट्ट ने कहा था कि गाजीपुर में लोग जिस तरह से रेन बसेरा में रह रहे हैं उनके स्वास्थ्य की दृष्टि से कतई ठीक नहीं है, और अगल बगल की कॉलोनियों के लोग भी उनको हटाने का अनुरोध कर रहे हैं।

श्री भट्ट ने अपने पत्र में यह भी लिखा था, कि हमको अपने उत्तराखंड के लोगों को हर हालत में उत्तराखंड ले जाने की तुरंत व्यवस्था करनी चाहिए इस पर कल रात ही तीन छात्राओं को और 5 वृद्धों समेत कुल 12 लोगों को तत्काल प्रभाव से उत्तराखंड सदन में लाया गया और आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने वार्ता कर वाहनों की व्यवस्था की है, जिससे उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के लोग अपने-अपने जिलों को चले गये है।

श्री भट्ट ने एनसीआर में रहने वाले लोगों और दिल्ली में जो पढ़ रहे हैं, उनसे तथा गुड़गांव और दिल्ली के अगल-बगल नोएडा गाजियाबाद आदि स्थानों पर रह रहे लोगों, से निवेदन किया है, कि आप अभी अपने कमरों को ना छोड़े और हर हालत में अपने आवास पर बने रहें जब कपल का पास बनेगा तभी आप अपने अपने घरों को जा पाएंगे यहां पर किसी भी चीज की कोई कमी नहीं है, सरकारों ने बहुत अच्छी व्यवस्थाएं की हैं, भोजन सब्जी इत्यादि जो भी आवश्यक सामग्री चाहिए वह हर जगह पर उपलब्ध है। इसलिए फिलहाल बहुत ही गंभीरता से अपने को बचाना है, अपने परिवार को बचाना है. इसलिए बेहतर यही है, कि हम जो जहां पर हैं वहां पर ही कुछ दिन रुके और उन्होंने यह भी कहा है कि किसी प्रकार की कोई परेशानी होगी तो उसके लिए हम सब लोग तैयार हैं।

श्री भट ने उत्तराखंड के उन समस्त स्वयंसेवकों को कार्यकर्ताओं को प्रवासी गणों को धन्यवाद किया है जो गाजीपुर में उत्तराखंड के लोगों की सेवा में लगे थे।