सरकार का फैसलाः जमाखोरी रोकने को अब राशन की दुकानों पर मिलेगा खाद्य पदार्थ और राशन सामग्री  
संजीव शर्मा, हरिद्वारः जमाखोरी, मुनाफाखोर की मिल रही सूचनाओं पर लगाम के लिए उत्तराखंड सरकार ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसला किया है। शासन ने  सभी जिलाधिकारियों और खाद्य पूर्ति अधिकारियों को आदेशित किया गया है कि राशन की दुकानों पर गेहूं, दाल, चावल मिट्टी के तेल के अलावा आवश्यक खाद्य पदार्थ जैसे पैकेट आटा, खाद्य तेल, दाले, नमक, चायपत्ती, मसाला, साबुन टूथपेस्ट, सेनिटाइजर आदि का विक्रय कराया जाए। यही नहीं वरिष्ठजनों, बीमार व असहाय लोगों के घरों पर 

होमडीलेवरी करने को भी कहा गया है। इसके लिए सभी राशन डीलरो के नंबर भी शेयर किए जाएंगे। वहीं सरकार ने निजी सेक्टर के दुकानदारों को भी यथासंभव होमडिलेवरी के लिए कहा गया है।

  शासन की ओर से सभी जिलाधिकारियों को इस मामले में जनपद स्तर पर एक सहमति बनाई जाएगी, जो इस कार्य को अमल में जाने का काम करेगी।

 यही नहीं राशन डीलर अपने स्रोतों से ये सब समान खरीद कर उपलब्ध कराएगा। यही नहीं जनपद स्तर पर एक हेल्प नंबर भी जारी किया जाएगा। गौरतलब है कि ओवर प्राइसिंग और जमाखोरी की शिकायत के बाद सरकार ने हरकत में आते हुए तुरंत कड़े फैसला लेना शुरू किया है।

इसके तहत मुनाफाखोर और जमाखोरों के खिलाफ कारवाई की जा रही है। वहीं सब्जी, फल, चारा और अन्य सामानों की निर्बाध आपूर्ति के भी काम किए जा रहे हैं। यही नहीं राज्य सरकार की घोषणा के अनुसार राशन की दुकानों पर चावल और गेहूं का वितरण शुरू हो गया है। हालाकि कुछ जगह दो महीने का राशन दिए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन जिला प्रशासन ने साफ किया है कि तीन महीने का राशन वितरित किया जाएगा। जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी के के अग्रवाल ने बताया कि तीन महीने का राशन मिलना शुरू कर दिया गया है।

वही जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी हरिद्वार के के अग्रवाल ने बताया कि इस संबंध में आदेश प्राप्त हुआ है और ये सभी व्यवस्थाएं की जा रही है। लोगों तक आवश्यक सामानों की निर्बाध आपूर्ति के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। राशन डीलरो को भी गेहूं, दाल, चावल, मिट्टी के तेल के अलावा अन्य सामान उपलब्ध कराने के लिए कहा जा रहा है। जल्द ही व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। लोगों को संयम रखना चाहिए। किसी प्रकार की खाद्य समानों की कमी नहीं है।