वोडाफोन आइडिया ने आवश्यक रिस्क मिटिगेशन प्रोटोकाॅल किए तैयार
नवल टाइम्सः वोडाफोन आइडिया का अखिल भारतीय टेलीकाॅम नेटवर्क 1.1 बिलियन से अधिक भारतीयों तक पहुंचता है। कोरोना महामारी के चलते मौजूदा लाॅकडाउन के दौरान कनेक्टिविटी बेहद महत्वपूर्ण है जो लोगों को अपने प्रियजनों के साथ जोड़े रखने और घर से काम करने में मदद करती है।

पिछले कुछ सप्ताहों से हमारे इंजीनियर लगातार काम कर रहे हैं ताकि वे वोडाफोन आइडिया की 4 जी नेटवर्क उपलब्धता को सुनिश्चित कर लाखों उपभोक्ताओं को घर पर ही सुरक्षित रहने में मदद कर सकें। हमारे नेटवर्क को जारी रखने के लिए मिशन क्रिटिकल प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करने के साथ हमने व्यापक महामारी प्रतिक्रिया योजना तथा आवश्यक रिस्क मिटिगेशन प्रोटोकाॅल तैयार किए हैं क्योंकि दूरसंचार एक आवश्यक सेवा है।

सभी संचालनों में हमारी कारोबार निरंतरता योजना की समीक्षा की जा रही है। पुणे और हैदराबाद में स्थित हमारा प्रमुख सुपर एनओसी, 22 सर्कलों के लिए केन्द्र है, जो नेटवर्क की सेंट्रलाइज़्ड माॅनिटरिंग एवं कंट्रोल के साथ कारोबार की निरंतरता को सुनिश्चित करता है।

कारोबार की इसी निरंतरता को जारी रखने के लिए हमारे एसएनओसी के माध्यम से हमारी सभी एंटरप्राइज़ सेवाओं पर भी निगरानी रखी जा रही है। हमने वर्चुअल वार रूम बनाए हैं जहां हमारी टीमों के सदस्य काॅनकाॅल एवं वीसी के माध्यम से हिस्सा ले रहे हैं। आपरेशन्स/ सर्कल्स/एनएसओसी से वरिष्ठ टीम के सदस्य तथा पार्टनर्स निरंतर काॅल पर हैं और संचालन की निरंतरता को सुनिश्चित कर रहे हैं। हम टैªफिक पैटर्न पर निरंतर निगरानी रखे हुए हैं और हमें विश्वास है कि हम लाॅकडाउन अवधि के दौरान वाॅइस और डेटा सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा कर सकेंगे।

हमने दूरसंचार विभाग से भी अनुरोध किया है कि स्पैक्ट्रम आवंटन के लिए हमारे लंबित आवेदनों को पूरा करें। हमें उम्मीद है कि दूरसंचार विभाग स्पैक्ट्रम लिबरलाइज़ेशन के अनुरोध पर शीध्र काम करेगा और हमारे बैकहाॅल स्पैक्ट्रम को नियमित करेगा। सरकार इस संकट के समय में दूरसंचार सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को समझती है और दूरसंचार सेवाओं के सुगम संचालन के लिए ज़रूरी कदम उठा रही है।