केदारनाथ धाम के कपाट खुले

  • चुनिंदा लोग बने कपाट खुलने के साक्षी

  • सोशल डिस्टेंस का रखा गया ध्यान

  • चार धामों में अभी सरकारी एडवाइजरी के तहत यात्रा पर है रोक 

  • अभी केवल कपाट खोले गये हैं ताकि रावल, पुजारी अपने स्तर पर नित्य पूजायें संपन्न करा सकें



संजीव शर्मा, नवल टाइम्सः  ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ भगवान के कपाट इस यात्रा वर्ष में मेष लग्न, पुनर्वसु नक्षत्र में आज प्रातः 6 बजकर 10 मिनट पर विधि-विधान पूर्वक खुल गये हैं। 

 

कपाट खुलने के अवसर पर उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के अधिकारी बी.डी.सिंह, तहसीलदार जयबीर राम बधाणी एवं पुलिस चैकी प्रभारी मंजुल रावत मुख्य द्वार पर मौजूद थे।

पुजारी शिवशंकर लिंग ने रूद्राभिषेक एवं जलाभिषेक पूजा संपन्न की भगवान केदारनाथ जी का जलाभिषेक किया गया। इस दौरान शोसियल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया।

कपाट खुलने के पश्चात सर्वप्रथम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से रूद्राभिषेक पूजा संपन्न की गयी।


उल्लेखनीय है कि कोरोना से बचाव के मद्देनजर यात्राओं की अनुमति नहीं है अभी केवल कपाट खोले जा रहे है। ताकि धामों में पूजा अर्चना शुरू सके। 

देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि कपाट खुलने के उपलक्ष्य में ऋषिकेश के दानीदाता सतीश कालड़ा द्वारा श्री केदारनाथ मंदिर को 10 क्विंटल गैंदा, गुलाब एवं अन्य फूलों से सजाया गया था। रात्रि को मंदिर बिजली की रोशनी से जगमगा रहा था। श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के दौरान पिछले वर्षों की  भांति सेना का बेंड शामिल नहीं हुआ। तथा बेहद सादगी पूर्वक मंदिर के कपाट खुले। बताया कि श्री केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग उखीमठ में चौदह दिनों की क्वारंटीन में हैं अतः उनके प्रतिनिधि के तौर पर पुजारी शिवशंकर लिंग ने कपाट खुलने की संपूर्ण प्रक्रियाओं का निर्वहन किया। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड के चार में से तीन धामों के कपाट खुल गये है। श्री गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के अवसर पर 26 अप्रैल को खुल चुके है जबकि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 15 मई को खुलेंगे।