प्रशासन के तय भोजन वितरण केंद्र पर ही खिलाया जाए भोजन


संजीव शर्मा, हरिद्वारः  कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर लॉक डाउन में भूखों को भोजन बांटने के लिए जिला अधिकारी ने दिशा निर्देश जारी कर तत्काल प्रभाव से सभी सामाजिक व व्यक्तिगत भोजन बांटने प्रर प्रतिबंध लगाया है। भोजन वितरण के लिए केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इसके बावजूद भी कुछ संस्थाएं भोजन अपने स्तर से बांट रही हैं ।
ऐसे में सवाल उठाना स्वाभाविक है जब जनप्रतिनिधि ही शासन और प्रशासन के आदेशों का पालन नहीं करेंगे तो आम जनता से वह कैसे अपेक्षा करते है कि आदेशो का पालन करें ? जो एक बड़ा सवाल है और विचारणीय भी है। जिसका जीता जगता प्रमाण उस वक्त देखने को मिला जब रानीपुर मोड़ पर स्थित पूर्व मेयर व उनके सहयोगियों द्वारा सुबह से ही खाना बांटना शुरु कर दिया था।


खाना लेने वालों की भीड़ जमा हो गई और सामाजिक दूरी का फॉर्मूला पूरी तरह फेल हो गया, लेकिन उन्होंने खाना बांटना बंद नहीं किया। जब इस मामले की सूचना किसी माध्यम से जिलाधिकारी को लगी तो जिलाधिकारी सी रविशंकर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र सेक्टर मजिस्ट्रेट विंध्याचल कुमार को भेज कर भोजन बांटने के कार्य को तुरंत बंद कराया। परन्तु बन्द करने से पूर्व बचा भोजन लोगों में वितरित करा कर पूर्व मेयर मनोज गर्ग को चेतावनी देते हुए उनको जारी पास को अपने कब्जे लेते हुए ताकीद किया कि अग्रिम आदेश तक इस प्रकार का कोई भी कार्य नहीं करेंगे।