असमंजस की स्थितिः कोरोना को लेकर दो लैब की अलग-अलग रिपोर्ट


नवल टाइम्सः दून में एक दिन पहले जिन 17 स्वास्थ्य कर्मियों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी,वह शनिवार शाम को निगेटिव आईं हैं। इनमें मुख्यमंत्री के फिजीशियन कोरोनेशन अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर एनएस बिष्ट भी शामिल हैं। इस रिपोर्ट के बाद महकमे ने तो भले ही राहत की सांस ली हो ,पर वहीं कई सवाल भी उठने लगे हैं।


कोरोना को लेकर दो लैब की अलग-अलग रिपोर्ट ने नई दुविधा पैदा कर दी है। बहरहाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर बीसी रमोला का कहना है कि संबंधित स्वास्थ्य कर्मी अब सावधानी बरतकर अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर सकते हैं।
15 जून को कुल 33 स्वास्थ्य कर्मियों के सैंपल लिए गए थे। जिन्हें जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित लैब में भेजा गया था। शुक्रवार रात इनमें 17 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो स्वास्थ्य महकमे में भी हड़कंप मच गया।


विभाग की तरफ से शनिवार को दून मेडिकल कॉलेज की लैब में इनकी दोबारा जांच कराई गई। आश्चर्य ये कि सभी सैंपल की रिपोर्ट अब निगेटिव आई है जिसे लेकर अब तमाम सवाल उठ रहे हैं। या तो चंडीगढ़ स्थित लैब से रिपोर्ट गलत आई या फिर पांच दिन में सभी स्वास्थ्य कर्मी रिकवर हो गए।


हर व्यक्ति में संक्रमण कम, ज्यादा होता है और रिकवरी में भी अलग-अलग वक्त लगता है,इसलिए सभी का एकसाथ ठीक होना भी प्रश्न चिह्न लगाता है। यदि चंडीगढ़ स्थित लैब ने जांच या रिपोर्टिंग के स्तर पर कोई चूक की है,तो यह मामला भी बड़ा है। कारण यह कि इस लैब में अब लगातार सैंपल जांच को भेजे जा रहे हैं। यह भी संभव है कि अन्य मामलों में भी इस तरह की गड़बड़ी हुई हो। अगर हुई है तो संभव है कि कोई संक्रमित रिपोर्ट निगेटिव आने पर बाहर घूम रहा होगा और कोई स्वस्थ्य व्यक्ति अस्पताल में भर्ती।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर बीसी रमोला का कहना है कि हमारे स्वास्थ्य कर्मी पूरी ईमानदारी और सावधानी के साथ अपना काम कर रहे हैं। 17 लोगों के एकसाथ संक्रमित मिलने पर संशय भी था और चिंता भी। अब चिंता और संशय भी,दोनों दूर हो गए हैं। उनका कहना है कि जिस तरह की स्थिति है जिला देहरादून से अब कोई सैंपल जांच के लिए चंडीगढ़ नहीं भेजे जाएंगे।