जानियेः सतपाल महाराज ने क्यों भेजी, चीनी राष्ट्रपति को रामायण


पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को रामायण भेज कर रावण के अंत से सबक लेने की नसीहत दी। कहा विस्तारवादी सोच के कारण ही दशानन रावण का अंत हुआ। इससे सबक लेना चाहिए।
पर्यटन मंत्री ने सरकारी आवास पर मीडिया से बातचीत में कहा कि गलवान घाटी में चीन के सैनिकों ने अपनी विस्तारवादी सोच के चलते निहत्थे भारतीय जवानों पर हमला कर निंदनीय काम किया।


बावजूद इसके भारतीय जवानों ने डट कर इस दुस्साहस का करार जवाब दिया। कहा कि चीनी राष्ट्रपति को रामायण भेज कर वह बताना चाहते हैं कि रावण की विस्तारवादी सोच ने कैसे उसे बर्बाद किया। विस्तारवादी व्यक्ति और देश कभी पनपते नहीं हैं। उन्हें उम्मीद है कि चीनी राष्ट्रपति रामायण से शिक्षा लेकर रावण की विस्तारवादी सोच से हुए उसके पतन से कुछ सबक लेंगे।


रामायण में बताया गया है कि जो व्यक्ति विस्तारवाद की बात करता है, उसका अंत कैसे होता है। कहा कि मेरा चीनी राष्ट्रपति को यही संदेश है कि वह चीन की जनता का जो भारी भरकम पैसा अपनी सैनिक शक्ति बढ़ाने पर खर्च कर रहे हैं, उसे कोरोना बीमारी की रोकथाम पर खर्च करें, जिससे आज पूरी दुनिया त्रस्त है।


कहा कि भारत की कभी भी विस्तारवादी सोच नहीं रही है। भारत ने बांग्लादेश को जीतने के बावजूद भी उस पर अपना अधिकार छोड़ दिया। जबकि चीन का रवैया शुरू से ही विस्तारवादी रहा है। तिब्बत को वह ले चुका है। कहा कि वे इसी उम्मीद से रामायण भेज रहे हैं कि जिनपिंग को सद्बुद्धि आए।