निजी अस्पतालों भी कर सकेगें कोरोना का इलाज


राज्य में स्थित निजी चिकित्सालयों में कोरोना के मरीजों के उपचार के संबंध में उत्तराखंड सरकार की ओर से दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।


इसमें कहा गया है कि चिकित्सालय का क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010 के प्रावधानों के अंतर्गत पंजीकरण होना चाहिए। चिकित्सालय में कोविड-19 रोगियों को रखने के लिए एक अलग बोर्ड या ब्लॉक हो जिसमें प्रवेश एवं निकासी द्वार अलग हो। अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध होनी चाहिए।


साथ ही भर्ती रोगियों को कोविड-19 जांच की पुनः आवश्यकता पड़ने पर आईसीएमआर द्वारा कोविड-19 के लिए अधिकृत निजी पैथोलॉजी लैब को सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर जांच कराई जा सकती है। साथ ही कोविड का उपचार भारत सरकार एवं राज्य सरकार के दिशा निर्देशानुसार किया जाएगा एवं समस्त मरीजों की सूचना रियल टाइप में जिलों के सीएमओ को उपलब्ध करानी होगी।


अब उत्तराखंड में प्राइवेट हॉस्पिटलो में भी कोरोना मरीजों का इलाज होगा, अब यहां वास्तविक और न्यूनतम लागत लेकर कोरोना मरीजों का इलाज कर सकेंगे, राज्यपाल ने मंजूरी दी, अभी तक प्राइवेट हॉस्पिटल नहीं कर रहे थे इलाज।