अभिव्यक्ति/साहित्यः हिंदी दिवस पर सुनीति त्यागी द्वारा रचित "हिंदी सबसे प्यारी"


हिंदी दिवस पर सुनीति त्यागी द्वारा रचित हिंदी पर कविता "हिंदी सबसे प्यारी"


अब हमारी जंग जारी है, हिंदी हमें सबसे प्यारी है


कितना भी मोम डैड कर लो, चोट लगने पर मां ही निकलता है


यही वह शब्द है जो हमें, हर भाषा से अलग करता है।


 ऋषियों की भाषा, मुनियों की वाणी


हिंदी रही सबकी प्यारी, चाहे वह हो अज्ञानी।


हिंदुस्तान की पहचान है, हिंदी


हमारी राष्ट्रीय भाषा है, हिंदी।


इसकी तुम, पहचान ना खोना


जब तक, ना झांक ले


विश्व का, कोना कोना।


आओ, शपथ खाते हैं


हम हिंदी को आगे बढ़कर एक पहचान दिलाते हैं।


                                                            हिंदी दिवस पर सुनीति त्यागी द्वारा रचित कविता हिंदी है सबसे प्यारी