अखिल भारतीय नवांकुर अंजलि काव्य मंच ने किया हिंदी दिवस पर कवि सम्मलेन का आयोजन


अखिल भारतीय नवांकुर अंजलि काव्य मंच द्वारा हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर एक पावन कवि सम्मलेन आयोजित किया गया । इसमे सभी कवि एवं कवयित्रियों की प्रस्तुति बहुत ही लाजवाब रही।


इस संस्था के संस्थापक एवं मुख्य सचिव कवि आदित्य सिंह कश्यप ने बताया की इस कार्यक्रम में 15 कवि सम्मिलित हुए थे। सभी ने राष्ट्र भाषा को नमन करते हुए हिंदी की महत्ता के बारे में बता कर अपनी रचनाये प्रस्तुत की।


कवि आदित्य सिंह कश्यप ने अपनी लेखनी के माध्यम से ऐसी अद्भुत रचना एवं हिंदी से प्रेम दर्शाया की सभी मंत्र-मुग्ध से रह गए।



जिसमे उन्होंने हिंदी से प्रेम दर्शाते हुए कहा की ---


माँ भारती की आन हैं हिंदी,
अपना स्वाभिमान  हैं हिंदी।
हिंदी से संविधान मिला हैं 
भारतीय पहचान मिला हैं।
हिंदी से हीं आज हमारा 
विश्वगुरु का ताज हमारा।
 हिंदी से हीं राष्ट्रगान हैँ
अरे हिन्दी से हीं हिंदुस्तान हैं ।


सभी की रचना को बारीकी से सुनने के पश्चात मंच के अध्यक्ष एवं सुप्रसिद्ध कवि अजय सिंह उदय ने सबको बधाई दि और कहा की सबकी रचना उच्च कोटि की हैं, और इन पंक्ति को प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम का समापन किया ---


हम है हिंदुस्तान वासी, हिन्दी का सम्मान करें ।
मुख से जो शब्द निकले, हिन्दी का गुणगान करे।।
लेखनी के शब्द, इसके अक्षरों का ज्ञान है।
सर पे पगड़ी, भाल, बिंदी, चंद्र का स्थान है।
छंद, मुक्तक और चौपाई, गीत और गान है।
रस भी इतने और कहाँ, काव्य की पहचान है।