बीजेपी विधायक की दबंगई और गुंडागर्दी के लिये रावत सरकार जिम्मेदारः उमा सिसोदिया


देहरादून: आम आदमी की पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री व रायपुर विधानसभा प्रभारी उमा सिसोदिया ने महिला से दुष्कर्म के आरोपी,भाजपा विधायक महेश नेगी की दबंगई और  गुंडागर्दी के लिए प्रदेश की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
मीडिया में बयान देते हुये उन्होंने कहा की जिस तरह से महेश नेगी और उसके गुंडों ने पुलिस के सिपाही हरिओम के साथ मारपीट की, उसे प्रताड़ित किया, उसके वीडियो बनाये और उसके पुलिस के सामने जबरदस्ती बयान कराये, उससे यह साफ जाहिर होता है कि राज्य में पुलिस-प्रशासन व सरकार महेश नेगी के सामने बिल्कुल पंगु हो चुका है और पीड़ित महिला की मदद के बजाय आरोपी विधायक के घिनौने कामों में उसकी मदद कर रहे हैं। अकेले महेश नेगी इस तरह गुंडागर्दी नहीं कर रहे बल्कि इस गुंडागर्दी के पीछे सत्ताधारी दल के पूरे संगठन और सरकार का पूरा सहयोग उनको मिल रहा है।


उमा सिसोदिया ने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद हरकत में आने वाली पुलिस भी अब विधायक के हाथ की कठपुतली बनती दिखाई दे रही है जो सिपाही व पीड़िता के वायरल ऑडियो को सुनने के बाद समझ आता है। उन्होंने कहा कि बहुत ही शर्मनाक है कि जीरो टालरेंस का झूठा दावा करने वाली त्रिवेंद्र रावत सरकार अपने विधायक की खुलेआम गुंडागर्दी देख कर भी चुप है।


इस चुप्पी के पीछे भाजपा का असली चाल-चरित्र और चेहरा उजागर होता है। भाजपा हमेशा से ही महिला विरोधी रही  है। अपने दुष्कर्मी नेताओं को बचाने के लिये भाजपा हमेशा आगे बढ़कर सामने आती रही है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी विधायक महेश नेगी की विधानसभा सदस्यता वापस लेने और सिपाही को प्रताड़ित करने के इस प्रकरण की जांच कराये जाने की मांग करती है।


जिस तरह से महेश नेगी पूरे उत्तराखंड को लगातार शर्म सार कर रहा है उसकी कड़ी निंदा करती है। मातृशक्ति के बलिदान से बने उत्तराखण्ड में महिलाओं का अपमान व शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। यदि त्रिवेंद्र रावत सरकार द्वारा राजनैतिक दबाव का इस्तेमाल कर दुष्कर्मी विधायक को बचाने की कोशिश की गई तो आम आदमी पार्टी उत्तराखंड की महिला शक्ति की अस्मिता की रक्षा के लिये सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी और महिला विरोधी भाजपा सरकार का चेहरा जनता के सामने बेनकाब करेगी।